Friday, 6 May 2016

                                                          गोविन्द बोलो हरि, गोपाल बोलो 
                                                            राधा रमण हरि ,गोपाल बोलो 
 

Sunday, 1 May 2016

हवा में उड़ता जाये रे. . . . मेरा राम दुलारा।  . . . 
लंका दिये जलाई रे . . . देखो अंजलि का लाला  . . . . . 
  

Saturday, 30 April 2016

मातु मोहि दीजे कछु चीन्हा।
जैसें रघुनायक मोहि दीन्हा । ।
चूड़ामनि उतारि तब दयऊ ।
हरष समेत पवनसुत लयऊ । ।
"मोरें ह्रद्य परम संदेहा । 
सुनि कपि प्रगट कीन्हि निज देहा । । 
कनक भूधराकार सरीरा । 
समर भयंकर अतिबल बीरा । । 
सीता मन भरोस तब भयऊ ।
पुनि लघु रूप पवनसुत लयऊ । । "

Tuesday, 22 September 2015

“रुनक झुनक पग नेवर बाजे,




“रुनक झुनक पग नेवर बाजे,गजानन्द नाचे ।
आज म्हारे गणपति जी नाचे , आजम्हारे गजानंद नाचे।।
माता तुम्हारी है दुर्गाजी, सिंह चढ़ी गाजे ।। आज.....
पिता तुम्हारे है शिवशंकर, नान्देश्वर साजे ।। आज...
मूसक वाहन सूण्ड-सूण्डाला, एक दन्त साजे ।। आज...
गल पुष्पन को हार विराजे, कोटि काम लाजे ।। आज...
मूसक वाहन दुन्द दुन्दाला , अरुमोदक खाजे ।। आज...
विघ्न निवारण मंगल कारण, राजनपति राजे ।। आज...
तुलसीदास गणपतिजी न सुंमरयां, दुःख दारिद्र भाजे ।।
आज म्हारे गणपति जी नाचे , आजम्हारे गजानंद नाचे।।